मै कुछ निजी कारणों से अपने इस संवाद मंच का सदुपयोग नहीं कर पा रहा था | अब आज नए सिरे से अपने मित्रो से जुड़ रहा हू इस जानकारी के साथ की जल्द ही सर्वनाम का नया अंक आने वाला है मैं यहाँ उसी की तैयारी में लगा हुआ हू.....................................................रजत कृष्ण -------------------०५.०९.२०११.